दीपिका कक्कड़ इब्राहिम ने बताया, किन वजहों से जीता शो

टीवी शो ''ससुराल सिमर का'' फेम एक्ट्रेस दीपिका कक्कड़ इब्राहिम बिग बॉस सीजन 12 की विनर बन गई हैं. उन्होंने टॉप-3 फाइनलिस्ट में से श्रीसंत और दीपक ठाकुर को पछाड़कर ट्रॉफी अपने नाम की. श्रीसंत फर्स्ट रनरअप रहे और दीपक ठाकुर सेकंड रनरअप. विनर घोषित किए जाने के बाद दीपिका काफी इमोशनल हो गई थीं. वे बिग बॉस के मंच को सलाम करते हुए रो पड़ीं. फिनाले में उन्हें सपोर्ट करने के लिए एक्ट्रेस के पति शोएब इब्राहिम और ननद सबा आई थीं.

ट्रॉफी जीतने के बाद दीपिका की खुशी का ठिकाना नहीं था. बता दें, दीपिका की बिग बॉस जर्नी आसान नहीं थी. उनके वजूद पर अक्सर सवाल किए गए. उनके और श्रीसंत के बॉन्ड को झूठा बताया गया. दीपिका को सीजन 12 की सबसे Dignified लेडी कहा गया. टॉप-2 में दीपिका और श्रीसंत के बीच जबरदस्त माहौल बना हुआ था. बिग बॉस से निकलने के बाद मीडिया को दिए पहले इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने जर्नी के बारे में बताया. जानें एक्ट्रेस ने क्या-क्या कहा.

जीत के बाद क्या था पहला रिएक्शन

उन्होंने कहा, एकदम से मुझे यकीन नहीं हुआ था. मैं ब्लैंक हो गई थी. जीतने के बाद मेरी सबसे पहली नजर शोएब पर गई. मैंने अपने पति और ननद के आंखों मे आंसू देखे. वो बातें मैं शब्दों में बयां नहीं कर पाऊंगी. जिन लोगों ने मुझे समझा और पहचाना उनका शुक्रिया. मुझे पूरे सीजन में यकीन था अगर मैं ईमानदारी से चलूंगी तो मेरे फैंस मुझे जरूर समझेंगे और मेरा साथ देंगे. ये जर्नी मेरे लिए चैलेंज बन गई थी.

किचन स्ट्रैटजी पर बोलीं दीपिका

किचन स्ट्रैटजी पर दीपिका ने कहा, मेरे दिमाग में ऐसा कुछ नहीं था. जब लोगों को मेरे किचन में रहने से दिक्कत हुई तो मैंने वॉशरूम, गार्डन में काम करना शुरू कर दिया था. लेकिन जब खाना बनाने वाले एलिमिनेट हो गए तो मैं फिर वापस किचन में आ गई. स्ट्रैटिजी 1,2 दिन चलती है, रोजाना नहीं.

दीपिका के जीतने के बाद शोएब ने उन्हें गोद में उठा लिया था. इस पर बोलते हुए दीपिका ने कहा- मेरी जीत के बाद शोएब और सबा के चेहरे पर जो खुशी आई वो मेरे लिए ज्यादा मायने रखती है. निकाह के बाद ये एक ऐसा मोमेंट है जो मैं कभी नहीं भूलूंगी. जिस तरह शोएब और सबा बहुत खुश थे.

ट्रोलिंग पर बोलीं दीपिका

श्रीसंत के फैंस दीपिका को ट्रोल कर रहे हैं. इसे दीपिका ने पॉजिटिव लेते हुए कहा- कोई बात नहीं, जब आप शाइन करते हो तो लोग आपकी आलोचना भी करते हैं.

जीत के पीछे की वजह बताते हुए कहा- मैंने अपनी ईमानदारी नहीं छोड़ी. रोज रात को सोते हुए मुझे संतुष्टि होती थी कि मैंने गेम के लिए किसी को नीचा नहीं दिखाया. जितनी लड़ाई मैं घर में लड़ रही थी, उतनी ही मेहनत और लड़ाई मेरे घरवाले लड़ रहे थे. अगर आप ईमानदारी बरकरार रखो तो उसे पहचाना जाता है जिताया जाता है.

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