किसी दबाव या धमकियों की वजह से बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे: मुख्य चुनाव आयुक्त
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के हैकिंग विवाद पर चुनाव आयोग ने साफ कहा है कि चुनावों में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल जारी रहेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने गुरुवार को कहा, ''किसी के दबाव या धमकियों की वजह से बैलेट पेपर के युग में नहीं जाएंगे।'' उन्होंने कहा कि ईवीएम और वीवीपैट को लेकर राजनीतिक दलों समेत अन्य लोगों के लिए आलोचना करने और फीडबैक देने के रास्ते खुले हैं।
भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने किया था हैकिंग का दावा
हाल ही में एक भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए धांधली की गई थी। उसका दावा है कि अगर उसकी टीम ने हैकिंग की कोशिशें नहीं रोकी होतीं तो भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव आसानी से जीत जाती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल भी मौजूद थे
इस एक्सपर्ट ने लंदन में जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, उसमें कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। एक्सपर्ट ने कई दावे किए, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि के लिए वह सबूत नहीं दे पाया। साइबर एक्सपर्ट के इस दावे को चुनाव आयोग ने नकार दिया है। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ‘फुलप्रूफ’ हैं और हम गलत दावे करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में सोच रहे हैं। आयोग ने पुलिस को इस साइबर एक्सपर्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट मार्शल में दोनों ले. जनरलों की सेवा को समाप्त करने का आदेश दिया था। दोनों को आर्मी एक्ट सेक्शन 45 (अपने पद का दुरुपयोग), सेक्शन 52 (धोखाधड़ी की मंशा) के तहत दोषी माना गया था। इसके बाद दोनों ले. जनरलों की रैंक खत्म करके उन्हें पेंशन, मेडिकल और पीएफ संबंधी लाभ से वंचित कर दिया गया था।
ले. जनरल अवदेश प्रकाश 2010 में जबकि पीके रथ 2012 में रिटायर्ड हो गए थे। किसी आर्मी अफसर के रिटायर्ड होने के तीन साल के भीतर ही उसके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जा सकती है। दोनों पर आरोप था कि प. बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित 33 कोर्पस मुख्यालय के पास स्थित जमीन को उन्होंने एक बिल्डर दिलीप अग्रवाल के हवाले कर दिया था।
जांच के दौरान ले. जनरल पीके रथ ने माना था कि उन्होंने उस दौरान सेना मुख्यालय में तैनात ले. जनरल अवदेश प्रकाश के कहने पर बिल्डर को एनओसी दी थी। अवदेश ने उन्हें बेहतरीन पोस्टिंग देने का लालच दिया था।
दोनों ले. जनरलों ने सेना प्रमुख रहे जनरल वीके सिंह पर आरोप जड़ते हुए कहा था कि उम्र से जुड़े विवाद में दोनों ने वीके सिंह का साथ नहीं दिया, जिससे वे उनसे नाराज थे। उन्होंने इसे घोटाले का रंग दिया।
प्रवासी भारतीयों को सांस्कृतिक धरोहर दिखाने के लिए यहां अरैल क्षेत्र में संस्कृति ग्राम, कला ग्राम, और शिल्पग्राम भी बसाया गया है। संस्कृति ग्राम में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक काल तक की मानव सभ्यता की झलक देखने को मिलेगी। कुंभ में प्रवासी भारतीयों को सभी राज्यों की सांस्कृतिक झलक और संस्कृति के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है।
भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने किया था हैकिंग का दावा
हाल ही में एक भारतीय साइबर एक्सपर्ट ने दावा किया है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम के जरिए धांधली की गई थी। उसका दावा है कि अगर उसकी टीम ने हैकिंग की कोशिशें नहीं रोकी होतीं तो भाजपा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश का विधानसभा चुनाव आसानी से जीत जाती।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल भी मौजूद थे
इस एक्सपर्ट ने लंदन में जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया, उसमें कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। एक्सपर्ट ने कई दावे किए, लेकिन किसी भी दावे की पुष्टि के लिए वह सबूत नहीं दे पाया। साइबर एक्सपर्ट के इस दावे को चुनाव आयोग ने नकार दिया है। आयोग ने कहा है कि ईवीएम ‘फुलप्रूफ’ हैं और हम गलत दावे करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के बारे में सोच रहे हैं। आयोग ने पुलिस को इस साइबर एक्सपर्ट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट मार्शल में दोनों ले. जनरलों की सेवा को समाप्त करने का आदेश दिया था। दोनों को आर्मी एक्ट सेक्शन 45 (अपने पद का दुरुपयोग), सेक्शन 52 (धोखाधड़ी की मंशा) के तहत दोषी माना गया था। इसके बाद दोनों ले. जनरलों की रैंक खत्म करके उन्हें पेंशन, मेडिकल और पीएफ संबंधी लाभ से वंचित कर दिया गया था।
ले. जनरल अवदेश प्रकाश 2010 में जबकि पीके रथ 2012 में रिटायर्ड हो गए थे। किसी आर्मी अफसर के रिटायर्ड होने के तीन साल के भीतर ही उसके खिलाफ कोर्ट मार्शल की कार्रवाई की जा सकती है। दोनों पर आरोप था कि प. बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित 33 कोर्पस मुख्यालय के पास स्थित जमीन को उन्होंने एक बिल्डर दिलीप अग्रवाल के हवाले कर दिया था।
जांच के दौरान ले. जनरल पीके रथ ने माना था कि उन्होंने उस दौरान सेना मुख्यालय में तैनात ले. जनरल अवदेश प्रकाश के कहने पर बिल्डर को एनओसी दी थी। अवदेश ने उन्हें बेहतरीन पोस्टिंग देने का लालच दिया था।
दोनों ले. जनरलों ने सेना प्रमुख रहे जनरल वीके सिंह पर आरोप जड़ते हुए कहा था कि उम्र से जुड़े विवाद में दोनों ने वीके सिंह का साथ नहीं दिया, जिससे वे उनसे नाराज थे। उन्होंने इसे घोटाले का रंग दिया।
प्रवासी भारतीयों को सांस्कृतिक धरोहर दिखाने के लिए यहां अरैल क्षेत्र में संस्कृति ग्राम, कला ग्राम, और शिल्पग्राम भी बसाया गया है। संस्कृति ग्राम में प्रागैतिहासिक काल से लेकर आधुनिक काल तक की मानव सभ्यता की झलक देखने को मिलेगी। कुंभ में प्रवासी भारतीयों को सभी राज्यों की सांस्कृतिक झलक और संस्कृति के दर्शन कराने की व्यवस्था की गई है।
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